छत्तीसगढ़ विधानसभा
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

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छत्तीसगढ़ विधानसभा में बजट सत्र के तीसरे दिन की कार्यवाही जारी है। मंत्री अमरजीत भगत ने छत्तीसगढ़ सरकार का आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया। राज्य की प्रति व्यक्ति आय अब एक लाख 33 हजार सालाना हो गई है। वहीं जीडीपी 8 प्रतिशत हो गया है, जो देश की GDP से 1 फीसदी ज्यादा है। जीडीपी की बात करें तो कृषि क्षेत्र 5.93% वृद्धि, उद्योग क्षेत्र में 7.83%, सेवा क्षेत्र में 9.29%, प्रति व्यक्ति आय में पिछले साल की तुलना में 10.93% वृद्धि, हुई है। 13.7% की वृद्धि के मुकाबले प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय में 10.93% वृद्धि हुई है।

छत्तीसगढ़ और देश  में ऐसे समझें अंतर-

  • कृषि क्षेत्र GSDP 5.93%- देश की 3.45%
  • उद्योग क्षेत्र GSDP 7.83%- देश की 4.11%
  • कृषि क्षेत्र GSDP 5.93%- देश की 3.45%
  • सेवा क्षेत्र GSDP 9.21%- देश 9.14%

इससे पहले सदन में शून्यकाल में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मांगों के मुद्दे गुंजी। बीजेपी विधायक शिवरतन शर्मा ने स्थगन के दौरान अनुकंपा नियुक्ति को लेकर धरने पर बैठी महिलाओं के मुंडन का मामला  उठाया। सफाई कर्मचारियों के मांगों पर भी विपक्ष ने स्थगन पर चर्चा की मांग की।

बिलासपुर में एम्स खोलने की मांग

विधानसभा के सदन में बिलासपुर में एम्स खोलने का मुद्दा भी उठाया गया। विधानसभा में कांग्रेस विधायक शैलेष पांडेय ने बिलासपुर में एम्स खोलने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जब भी एम्स खोला जाये, बिलासपुर में ही खोला जाए। इस पर बीजेपी विधायक धरमलाल कौशिक ने भी समर्थन किया। विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा कि क्या इस सदन ने एक शासकीय संकल्प भेजा जाएगा? नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से जब भी पहल की जाए। एम्स बिलासपुर में खोला जाए। जवाब में स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने बताया कि बिलासपुर में एम्स खोलने राज्य शासन ने एक अर्ध शासकीय पत्र केंद्र को लिखा है। 

उन्होंने कहा कि देश के कई राज्यों में एम्स पहले नहीं होते थे। आज भी कई राज्य ऐसे हैं, जहां एम्स नहीं है। हाल ही में मीडिया रिपोर्ट आई है कि केंद्र हर राज्य में कम से कम एक एम्स खोला जाएगा। मुख्यमंत्री से भी मैंने राज्य में दूसरे एम्स खोले जाने को लेकर चर्चा की थी।

उन्होंने कहा कि राज्य के पांचों संभागों में सबसे बड़ा संभाग बिलासपुर है। जनसंख्या के अनुपात, मांग के आधार  और औचित्य के आधार पर भी बिलासपुर में एम्स खोले जाने पर मेरी सहमति है। मैंने केंद्रीय मंत्री को इस बारे में पत्र लिखा है। उनका जवाब भी आया है कि उन्हें पत्र मिल गया है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि रायपुर एम्स में भी अब बिस्तरों की कमी हो रही है।

दूसरी ओर कर्मचारियों के नियमितीकरण मुद्दे पर शून्यकाल पर बीजेपी ने स्थगन प्रस्ताव लाया। उपाध्यक्ष ने इस पर असहमति जताई। विपक्षी सदस्यों ने जमकर नारेबाजी की। इसके बाद सदन की कार्यवाही 12.52 बजे 5 मिनट के लिए स्थगित किया गया था। सदन में अमरजीत भगत और अजय चंद्राकर में नोंकझोक देखने को मिलीं। सत्ता पक्ष के मंत्रियों और विधायकों ने अजय चंद्राकर को घेरा। भगत ने सवाल करते हुए पूछा कि छत्तीसगढ़िया की बात होती है तो अजय चंद्राकर को क्यों तकलीफ होती है। बता दें कि चंद्राकर ने छत्तीसगढ़ ओलिंपिक को लेकर सवाल पूछा था का कि किस आधार पर चयन किया गया है?

इससे पहले सीएम ने बीते दिनों विधानसभा में वित्तीय वर्ष  2022-23 के लिए प्रस्तुत 4 हजार 143 करोड़ 60 लाख, 71 हजार 652 रूपए का तृतीय अनुपूरक बजट पारित कर दिया गया। तृतीय अनुपूरक बजट में पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य, सिंचाई, आवास, भूजल संरक्षण, आजीविका, औद्योगिक प्रशिक्षण, कस्टम मिलिंग सहित विभिन्न मदों में अतिरिक्त राशि के प्रावधान रखे गए हैं। इस राशि को मिलाकर अब वित्तीय वर्ष 2022-23 के मुख्य बजट का आकार 1 लाख 15 हजार 385 करोड़ रूपए हो गया है। तृतीय अनुपूरक बजट में राजस्व व्यय हेतु 02 हजार 575 करोड़ रूपए और पूंजीगत व्यय हेतु 01 हजार 569 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया है। 

वर्ष 2022-23 के मुख्य बजट में 1 लाख 4 हजार करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया था। प्रथम अनुपूरक में 2 हजार 904 करोड़ रूपए, द्वितीय अनुपूरक में 4 हजार 338 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया था। तृतीय अनुपूरक की राशि 4 हजार 144 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया है। 

मुख्यमंत्री ने सदन में तृतीय अनुपूरक बजट में किए प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2022-23 में लगभग 24 लाख ग्रामीण परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया था। इन लक्ष्य की पूर्ति हेतु निर्माणाधीन कार्यों के लिये 900 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। 

इसी प्रकार कृषक जीवन ज्योति योजना में राज्य में 05 हॉर्सपॉवर तक के कृषि पंपों के लिये निःशुल्क विद्युत प्रदाय की सुविधा दी जा रही है। छत्तीसगढ़ सरकार ने मछली पालन हेतु भी कृषि के समान विद्युत दर की सुविधा देने का निर्णय लिया है। इस संबंध में मछली पालकों को भी कृषि पंपों के समान निःशुल्क विद्युत सुविधा का लाभ देने के लिये कृषक जीवन ज्योति योजना हेतु तृतीय अनुपूरक में 341 करोड़ की राशि का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है।



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