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चुनाव करीब हों तो हर बात सियासी मुद्दा बन जाती है। आज देश में किन मुद्दों पर राजनीति हुई, इसका हिसाब समझाने और देश-दुनिया का पूरा हाल बताने के लिए हम फिर से हाजिर हैं।शुरुआत करते हैं दिल्ली से, जहां एलजी और केजरीवाल सरकार की जंग में निर्णायक मोड़ आ गया है..
दिल्ली का बॉस कौन है, मुख्यमंत्री या लेफ्टिनेंट गवर्नर, इसका फैसला सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ कल सुनाने जा रही है..। दिल्ली की सत्ता संभालने के बाद से ही केजरीवाल और एलजी के बीच अधिकारों की लड़ाई चल रही है..। केजरीवाल का आरोप है कि दिल्ली सरकार का हर फैसला एलजी पलट देते हैं, जबकि एलजी का दावा है कि केजरीवाल सरकार संवैधानिक व्यवस्था के खिलाफ काम करती है, तो उसके फैसलों को रोकना पड़ता है..। अब सुप्रीम कोर्ट को यही तय करना है कि संविधान के हिसाब से दिल्ली का हाकिम एलजी हैं या फिर चुनी हुई सरकार..
2015 में जब प्रचंड बहुमत से केजरीवाल की सरकार बनी, तभी से अधिकारियों के ट्रांसफर से लकर हर बात पर एलजी के साथ उनका टकराव शुरू हो गया..। दिल्ली सरकार ने एलजी के फैसलों को हाईकोर्ट में चुनौती दी..। दिल्ली सरकार और एलजी के अधिकारों से जुड़ी कुल 9 याचिकाओं पर हाईकोर्ट ने एक साथ सुनवाई करते हुए 4 अगस्त 2016 को अपना फैसला सुनाया..। दिल्ली हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस जी रोहिणी और जस्टिस जयंत नाथ की बेंच ने कहा कि दिल्ली के प्रशासनिक प्रमुख एलजी ही हैं। हाईकोर्ट का कहना था कि दिल्ली पूर्ण राज्य नहीं है..। दिल्ली यूनियन टेरेटरी है, जो राष्ट्रपति के अधीन है..। एलजी दिल्ली में राष्ट्रपति के प्रतिनिधि हैं। दिल्ली में कानून-व्यवस्था, ज़मीन से जुड़े मामले और ट्रांसफर-पोस्टिंग का विशेषाधिकार एलजी के पास है..। बाकी मामलों में दिल्ली सरकार एलजी को सलाह दे सकती है..। केजरीवाल सरकार ने हाईकोर्ट के इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी..। मामला चूंकि संवैधानिक व्यवस्था से जुड़ा था, इसलिए एलजी और दिल्ली सरकार के अधिकारों के परीक्षण के लिए चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता में संविधान पीठ गठित की गई..। पांच जजों की बेंच ने 6 दिसंबर 2017 को सुनवाई पूरी करते हुए फैसला सुरक्षित रखा।
अधिकारों की जंग में दिल्ली सरकार जीतेगी या एलजी, इसका फैसला आने से पहले ही आम आदमी पार्टी ने नया मोर्चा खोल दिया है..। दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के लिए आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में हस्ताक्षर अभियान शुरू कर दिया है। 25 जुलाई तक आम आदमी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों से समर्थन मांगेंगे। 25 जुलाई को दिल्ली में केजरीवाल बड़ा प्रदर्शन करने की तैयारी में हैं…

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